“ना दोस्त स्थायी, ना दुश्मन — सिर्फ़ हित स्थायी हैं”: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का दो टूक संदेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बदलते वैश्विक हालात पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ना कोई स्थायी मित्र होता है, ना स्थायी दुश्मन — केवल स्थायी होते हैं हमारे हित।” यह बयान अमेरिका के साथ टैरिफ तनाव की पृष्ठभूमि में आया है।

उन्होंने कहा कि आज की दुनिया इतनी तेज़ी से बदल रही है कि हर दिन नई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं — चाहे वो महामारी हो, आतंकवाद या क्षेत्रीय संघर्ष। ऐसे दौर में आत्मनिर्भरता अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि ज़रूरी शर्त बन चुकी है।

राजनाथ सिंह ने बताया कि 2014 में भारत का रक्षा निर्यात जहाँ ₹700 करोड़ से भी कम था, वहीं आज यह बढ़कर ₹24,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह बदलाव दर्शाता है कि भारत अब केवल रक्षा सामान खरीदने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को निर्यात करने वाला देश बन रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी को दुश्मन नहीं मानता, लेकिन अपने किसानों, उद्यमियों और सुरक्षाबलों के हित सर्वोपरि हैं।

देश की सेनाओं द्वारा स्वदेशी हथियारों से किए गए सटीक स्ट्राइक का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी मिशन बिना विज़न, दीर्घकालिक तैयारी और समन्वय के सफल नहीं हो सकता।”

आज की

राजनीतिक स्थितियाँ यह साफ़ कर चुकी हैं कि रक्षा क्षेत्र में बाहरी निर्भरता अब संभव नहीं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *