स्विट्ज़रलैंड सरकार ने अपने यहाँ स्थित स्विस बैंक खतों की दूसरी लिस्ट आज भारत को सौंपी है. काले धन के खिलाफ लड़ाई के रूप में यह मोदी सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है. स्विटजरलैंड की तरफ से जारी किये गए बयान के अनुसार 86 देशों के साथ 31 लाख वित्तीय खातों के बारे में जानकारी साझा की गई है.
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच कालेधन की सूचना आदान-प्रदान करने को लेकर संधि हुई थी जिसके तहत यह जानकारी साझा की गई है. इससे पहले सितंबर 2019 में भारत के साथ स्विट्ज़रलैंड ने पहली बार खाताधारकों की सूची साझा की थी.
आपको बतादें की 2014 में मोदी सरकार जिन मुद्दों को लेकर सत्ता में आयी थी उसमें काला धन एक मुख्या मुद्दा था. भारत सरकार का मानना है की स्विस बैंक में सैंकड़ो भारतियों ने अपना अरबों रूपए का कला धन छुपा कर रखा हुआ है.
स्विस बैंक धारकों की पहली सूची में 627 लोगों की नाम थे. इन नामों को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में सौंपा था. सरकार ने नामों के अलावा देशों के साथ हुई संधियों के काग़ज़ात भी अदालत को सौंपे थे. उस वक़्त इन नामों को सार्वजानिक करने को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था.
