विपक्षी दलों के हंगामे और देश भर में कृषि बिलों को लेकर जारी भारी हंगामे के बीच कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 बिल राज्यसभा में ध्वनि मत से पास हो गया है। इससे पहले इस बिल पर चर्चा के दौरान कृषि विधेयक को कांग्रेस ने इसे किसानों का डेथ वारंट बताया और कहा कि पार्टी इस बिल पर हस्ताक्षर नहीं कर सकती है।
इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने इन बिल पर चर्चा करते हुए कहा,” क्या अफवाह पर ही एक मंत्री ने इस्तीफ़ा दे दिया?” इसी बिल पर चर्चा करते हुए शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि पंजाब के किसानों को कमजोर मत समझिए। कृषि विधेयक का वाईएसआर कांग्रेस ने समर्थन करते हुए कांग्रेस को बिचौलियों का समर्थक बताया। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यह सरकार बस वादे करती है।
इसी मामले पर राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार के कृषि-विरोधी ‘काले क़ानून’ से किसानों को-
1. APMC/किसान मार्केट ख़त्म होने पर MSP कैसे मिलेगा?
2. MSP की गारंटी क्यों नहीं? मोदी जी किसानों को पूँजीपतियों का ‘ग़ुलाम’ बना रहे हैं जिसे देश कभी सफल नहीं होने देगा।
