सत्यजीत रे का पैतृक घर बनेगा साहित्य संग्रहालय, सुवेंदु ने सराहा मोदी सरकार का कदम

बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सत्यजीत रे के पैतृक घर को लेकर भारत-बांग्लादेश के बीच प्रस्तावित साझेदारी का स्वागत किया है। यह घर बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में स्थित है और अब इसे साहित्य संग्रहालय में बदला जाएगा।

सुवेंदु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह पहल भारत और बांग्लादेश की साझा सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदर्शिता के लिए आभार व्यक्त करता हूँ।”

यह ऐतिहासिक घर सत्यजीत रे के दादा उपेंद्रकिशोर रे चौधरी का था, जो 19वीं सदी के प्रसिद्ध बाल साहित्यकार, चित्रकार और प्रकाशक थे। वे सुप्रसिद्ध कवि सुकुमार रे के पिता और सत्यजीत रे के दादा थे।

हाल ही में आई खबरों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक घर को गिराया जा रहा है, जिससे साहित्य और सिनेमा प्रेमियों में चिंता देखी गई। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस पर खेद जताया है।

अब भारत सरकार की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया है कि इस घर का जीर्णोद्धार कर इसे ‘साहित्य संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाए, जो भारत-बांग्लादेश की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनेगा।

यह कदम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को और गहरा करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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