हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और बारिश का कहर जमकर जारी है। पहाड़ों के बीच बसे लाहौल स्पीति में आयी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है वहीं 9 लापता हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी है। लाहौल के उदयपुर में मंगलवार रात करीब आठ बजे बादल फटने के कारण अचानक आई बाढ़ में मजदूरों के दो तम्बू और एक निजी जेसीबी मशीन बह गई।
अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के दलों को लापता लोगों की तलाश के लिए भेजा गया, लेकिन पानी के तेज बहाव ने मंगलवार रात तलाश अभियान को बाधित किया और अभियान बुधवार सुबह फिर से शुरू करना पड़ा।
लाहौल-स्पीति के उपायुक्त नीरज कुमार ने बताया कि भूस्खलनों के मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक दल बुलाया गया है।
उन्होंने कहा, “एनडीआरएफ का दल रास्ते में है और उसके दोपहर तक घटनास्थल पर पहुंचने की संभावना है।” उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ द्वारा त्वरित बचाव अभियान के लिए जिला प्रशासन मौके पर आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था कर रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि मंगलवार को भारी बारिश के कारण भागा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद लाहौल-स्पीति के दारचा गांव से कई लोगों को बाहर निकाला गया था।
दारचा पुलिस जांच चौकी के मुताबिक, भारी बारिश से नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया, जिसके कारण नदी किनारे की तीन दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
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