हाथरस गैंगरेप और मर्डर मामले में ED ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. ED के अनुसार हाथरस के गर्माए माहौल के दौरान जातीय हिंसा भड़काने की कोशिशें की जा रही है. इसके लिए पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को मॉरीशस से 100 करोड़ रूपए की फंडिंग भी की गई है. ED अब पूरे मामले की छानबीन करने में जुटा है.
हाल ही में हाथरस मामले में दंगा भड़काने की साजिस करने के आरोप में मथुरा से 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इन सबका ताल्लुक भी पीएफआई से है. इनपर आरोप है की इन्होने सोशल मीडिया के जरिये कुछ आपत्तिजनक भाषण और पोस्ट शेयर किये जिससे जातीय हिंसा भड़क सकती थी. इन लोगों के पास से हिंसा को भड़काने वाला साहित्य भी बरामद हुआ है.
पुलिस के अनुसार इन लोगों का मकसद जातीय दंगे भड़का कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी की छवि ख़राब करने का था. रातों-रात वेबसाइट तैयार की गई और उसके जरिये लोगों तक अपनी बात पहुँचाने की कोशिश की जा रही थी.
वहीँ दूसरी और योगी आदित्यनाथ ने कहा है की किसी को भी प्रदेश की शांति और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा. आरोपियों के खिलाफ पुलिस सख्त से सख्त कार्यवाही करेगी.
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