हाथरस पीड़िता को इन्साफ दिलाने के पिछले हफ्ते देश भर में प्रदर्शनों का दौर चला. राजनीतिक और गैर-राजनितिक संगठनों ने पीड़िता के इन्साफ के लिए सड़कों पर और सोशल मीडिया पर आवाज़ बुलंद की. मगर कुछ लोग और वेबसाइट पीड़िता को इन्साफ दिलाने के जोश में उसकी पहचान ही उजागर कर गए.
पहचान उजागर करने के मामले को लेकर एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई की ट्विटर और अन्य कुछ साइट्स पर पीड़िता की तस्वीरें और वीडियो शेयर किये गए जिसमें उसका चेहरा साफ़ तौर पर देखा जा सकता है. मगर सोशल मीडिया वेबसाइट ने उन्हें अपने प्लेटफार्म से नहीं हटाया. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी तरह से रेप पीड़िता की पहचान उजागर करने पर रोक लगाई हुई है. इसी के चलते इन वेबसाइट के ऊपर कार्यवाही की गई है. शिकायत के बाद अब इन वेबसाइट से पीड़िता की तस्वीरें और वीडियो हटाने का काम किया जा रहा है.
शिकायत में जिस वीडियो की बात हो रही है वह 48 सेकंड का एक वीडियो है जिसे एक पत्रकार ने अस्पताल में लिया था जब वह अपने साथ हुई दरिंदगी को बयां कर रही है. इसमें पीड़िता का चेहरा साफ़ दिखाई दे रहा है.
इससे पहले महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय और एक्ट्रेस स्वरा भास्कर को पीड़ित की पहचान उजाकर करने के मामले में नोटिस जारी किया था. इन्होने भी सोशल मीडिया पर लड़की की तस्वीरें और वीडियो शेयर किया था.
