बिहार विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की नजदीक आती तारीखों के बीच अब चुनाव प्रचार जोर पकड़ने लगा है। इसी के साथ आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि इस चुनाव में मुद्दों से ज्यादा बात पुराने बयानों को लेकर शुरू हो चुकी है।
बिहार की राजनीति में पीएम मोदी और सीएम नीतीश के एक दूसरे पर 2015 में दिए बयान वायरल हैं। अब इन्ही बयानों के सहारे राजद एनडीए को घेर रहा है।
दरअसल 2015 के चुनावों में बीजेपी और जदयू अलग हो गए थे। तब चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने जहां नीतीश के डीएनए को लेकर बयान दिया था वहीं नीतीश पर हमला बोलते हुए यह भी कहा था कि नीतीश पर भरोसा नही है।
इसके अलावा अमित शाह ने यह भी कहा था कि अगर बिहार में जदयू-राजद वाला महागठबंधन जीता तो पटाखे पाकिस्तान में बजेंगे। अब यही बयान जदयू-बीजेपी के लिए गले की फांस बन गए हैं।
खास बात यह है कि राजद जहां नीतीश-बीजेपी पर उनके नेताओं द्वारा परस्पर विरोध में दिए बयानों को लेकर हमलावर है वहीं इसकी काट बीजेपी या जदयू के पास नही है। कारण यह है कि नीतीश तब राजद के साथ थे और राजद ने तब भी जदयू के साथ मिल बीजेपी को घेरा था जैसे वह आज हमलावर है।
इसके अलावा बाकी दल लगभग उसी कुनबे हैं। लोजपा बेशक एनडीए से अलग हुई है लेकिन वह पीएम की तारीफ करते नही थक रही है। यह कम से कम बीजेपी के लिए राहत की बात है।
