मध्यप्रदेश में उपचुनाव की तारीखों का एलान कर दिया गया है। राज्य में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। यह उपचुनाव 3 नवम्बर को कराए जाने हैं। इन चुनाव में जहां शिवराज और सिंधिया की प्रतिष्ठा दांव पर होगी और उन्हें सरकार बचाये रखने के लिए कम से कम नौ सीटें जीतनी होंगी वहीं 14 मंत्रियों को भी अपना पद बचाये रखने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करना होगा। यह 14 मंत्री उन्ही 25 कांग्रेसी विधायकों में से हैं जो सिंधिया खेमे के हैं और उन्ही के कहने पर बीजेपी में शामिल हुए थे।
वहीं दूसरी तरफ यह चुनाव कांग्रेस और उससे भी ज्यादा कमलनाथ की साख बचाने का एक मौका भी है। कांग्रेस हर हाल में ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल कर सत्तारूढ़ बीजेपी और शिवराज के लिए मुश्किल खड़ी करने की फिराक में है।
आपको बता दें कि बीजेपी के पास इस समय 107, कांग्रेस के पास 88, बसपा,सपा,निर्दलीय के पास क्रमशः 2,1,4 विधायक हैं। 28 सीटों पर चुनाव के बाद बीजेपी को बहुमत जुटाने के लिए 116 सीटों की जरूरत होगी।
अगर कांग्रेस बीजेपी को 9 से कम पर रोक देती है तो राज्य में फिर बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि सीएम शिवराज और सांसद सिंधिया ने जहां बीजेपी की तरफ से मोर्चा संभाल रखा है वहीं कांग्रेस की तरफ से अकेले कमलनाथ ही डटे हुए नजर आ रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नतीजों के बाद किसका होगा राज और कौन बनेगा नाथ?
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