पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का लम्बी बीमारी के बाद आज सुबह निधन हो गया. वह 82 वर्ष के थे. दिल्ली के आर्मी अस्पताल के मुताबिक सुबह 6 बजे जसवंत सिंह ने अंतिम सांस ली. 7 अगस्त 2014 को घर में बाथरूम में गिर गए थे जिसके बाद से लगातार उनकी तबियत खराब थी और वह पिछले 6 साल से कोमा में थे.
जसवंत सिंह के निधन पर प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख प्रकट किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जसवंत के बेटे मानवेंद्र से फोन पर बात की और अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं. ट्विटर पर ट्वीट करते हुए मोदी ने कहा “जसवंत सिंह जी ने पहले एक सैनिक के रूप में देश की सेवा की, फिर राजनीति के साथ लंबे वक्त तक जुड़े रहकर। अटली की सरकार में, उन्होंने महत्चपूर्ण विभाग संभाले और वित्त, रक्षा तथा विदेश मामलों के क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी। उनके निधन से दुखी हूं। उन्हें राजनीति और समाज के विषयों पर अनूठे नजरिए के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने बीजेपी को मजबूत करने में भी योगदान दिा। मैं हमेशा हम दोनों के बीच हुई बातचीत याद रखूंगा।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी जसवंत सिंह की मौत पर शोक प्रकट किया है. सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए उन्होंने कहा “अनुभवी भाजपा नेता और पूर्व मंत्री श्री जसवंत सिंह जी के निधन से गहरा दुख हुआ. उन्होंने रक्षा मंत्रालय के प्रभारी सहित कई क्षमताओं में देश की सेवा की.”
अगर बात की जसवंत सिंह के राजनितिक करियर की तो वह काफी शानदार रहा. वह बीजेपी के संस्थापकों में से एक माने जाते है. बीजेपी सरकार में 1998 से लेकर 2004 तक सरकार में उन्होंने कई अहम मंत्रालयों को संभाला चाहे वह वित्त मंत्रालय हो, रक्षा मंत्रालय हो या विदेश मंत्रालय हो.
आपको बतादें की 2014 में वह बीजेपी की टिकट से बाड़मेर से चुनाव लड़ना चाहते थे मगर जब बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो जसवंत सिंह ने निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का फैसला किया था. इस बगावत के चलते पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह हुए कोरोना संक्रमित, ट्वीट कर दी जानकारी
