लव जिहाद के मुद्दे पर बवाल, गिरिराज सिंह ने बताया कैंसर, भूपेश बघेल ने पूछा-तो क्या बीजेपी नेताओं ने भी किया…

मैं बीजेपी नेताओं से पूछता हूँ कि क्या ये विवाह ‘लव जिहाद’ की परिभाषा में आते हैं? वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लव जिहाद को सामाजिक समरसता के लिए कैंसर करार दिया।

लव जिहाद पर एमपी के प्रोटेम स्पीकर का सवाल-कितनी नरगिस सुनील दत्त के साथ ब्याही गईं बताइए?

मध्य प्रदेश सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है। हाल ही में प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसकी घोषणा की थी। इसके बाद से सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। लव जिहाद कानून पर मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने एक बड़ा बयान दिया है।

मध्यप्रदेश में केवल स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, सीएम शिवराज का बड़ा ऐलान

इस एलान के मुताबिक राज्य में अब केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

भारत मे हर साल इतने किसान करते हैं आत्महत्या, भयावह है तस्वीर

केंद्र सरकार के आंकड़ों की ही मानें तो भारत मे हर साल 12 हजार किसान आत्महत्या कर लेते हैं। आंकड़े बेशक 2017 के हैं लेकिन तस्वीर आज भी वही है जो पहले थी।

एमपी और राजस्थान में अगर इन दो नेताओं के भरोसे होती कांग्रेस तो होता जबरदस्त फायदा

कांग्रेस की तरफ से जहां मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रचार की अगुवाई कर रहे हैं वहीं राजस्थान में सचिन पायलट के भरोसे कांग्रेस नजर आ रही है। हालांकि अभी तक किसी भी नेता को कांग्रेस ने सीएम का दावेदार घोषित नही किया है।

मंदिर के बाद मस्जिद पर बवाल, बीजेपी सांसद बोले जामा मस्जिद तोड़ो

बीजेपी के उन्नाव से सांसद और विवादित नेता साक्षी महाराज का एक बड़ा बयान सामने आया है। इस बयान में उन्होंने कहा कि जब मैं राजनीति में आया था तब सबसे पहले मैंने कहा था कि अयोध्या और काशी को छोड़ो सबसे पहले दिल्ली की जामा मस्जिद को तोड़ो

कांग्रेस के दिग्गज नेता का बयान, मोदी से बेहतर प्रधानमंत्री साबित होतीं सुषमा

अब कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि सुषमा जी नरेंद्र मोदी से बेहतर प्रधानमंत्री साबित होतीं।

मायावती के इस कदम से टूटा कांग्रेस का सपना, गठबंधन पर भी संदेह

यूपी में साथ आये बसपा,सपा,कांग्रेस से उम्मीद थी कि वह छतीसगढ़ और मध्यप्रदेश में भी एक नजर आएंगे। हालांकि मायावती ने कांग्रेस का साथ इन दोनों राज्यों में छोड़ने का ऐलान कर दिया।

राहुल के सामने बतौर अध्यक्ष हैं यह बड़ी चुनौतियां, इनसे पार पा गए तो मोदी पर पड़ेंगे भारी

राहुल के सामने सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस की छवि के साथ अपनी छवि को सुधारना है। कार्यशैली में बदलाव लाना है क्योंकि कांग्रेस आज भी नेहरू इंदिरा वाली कांग्रेस है इसमें कुछ भी नयापन नजर नही आता।

तो क्या रोजगार के आंकड़ों को लेकर झूठ बोल रहे राहुल?

चार साल के अंदर 11 करोड़ लोग स्वरोजगार से जुड़े हैं। क्या यह आंकड़ा उन्हें नही पता? मोदी सरकार ने मुद्रा योजना के तहत यह स्वरोजगार पैदा किये हैं