बिहार को लंदन जैसा बनाने का दावा करने वाली पुष्पम प्रिय चौधरी ने बिहार की राजनीति में एंट्री मारी थी. बिहार के हर अखबार में अपना इश्तिहार छाप कर खुद को प्लुरलस पार्टी का मुख्यमंत्री उमीदवार घोषित कर दिया था. इस बार के विधानसभा चुनाव में भी पुष्पम प्रिय चौधरी ने लोगों से बहुत से वादे किये थे और कहा था की बिहार की जनता को 30 साल का लॉकडाउन खत्म करना है.
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तेजस्वी को बधाई दे बोली महबूबा-आज इनका दिन है, कल हमारा होगा, जो ट्रम्प का हुआ वो इनका होगा,पढ़ें
बिहार विधानसभा चुनावों की गूंज कश्मीर तक सुनाई पड़ रही है। एग्जिट पोल में तेजस्वी को बढ़त दिखाए जाने से विपक्ष बमबम है। हर तरफ जहां युवा तेजस्वी की चर्चा है वहीं एनडीए के पिछड़ने से विपक्ष को यह कहने का मौका भी मिल गया कि मोदी लहर फीकी पड़ रही है या यूं कहें अब विपक्ष को भी उम्मीद की एक किरण दिखाई दे रही है
तेजस्वी ऐसे मना रहे अपना जन्मदिन, राहुल-अखिलेश-चिराग समेत कई ने दी बधाई
बिहार में कल विधानसभा चुनावों के नतीजे आने हैं। इसके साथ ही यह साफ हो जाएगा कि राज्य की सत्ता में नीतीश की वापसी होगी या तेजस्वी का तेज दिखेगा। एग्जिट पोल के नतीजे से एनडीए खेमे में जहां खामोसी है वहीं महागठबंधन की तरफ से जीत को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हालांकि अति उत्साह से दोनो ही गठबन्धन और दलों के लोग परहेज करते नजर आ रहे हैं।
एग्जिट पोल से गदगद आरजेडी ने कार्यकर्ताओं को दी यह हिदायत,पढ़ें
बिहार विधानसभा चुनावों के आखिरी चरण के मतदान के समाप्त होने के बाद कल अलग-अलग चैंनलों की तरफ से एग्जिट पोल दिखाए गए। इन एग्जिट पोल से जहां बेचैनी एनडीए खेमे में है वहीं महागठबंधन खेमे में संतुलित बयानबाजी के बीच अंदरखाने आगे की रणनीति भी तैयार की जाने लगी है। इसी बीच राजद ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए कुछ अहम दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
बिहार चुनाव: जानिए सट्टा बाज़ार में किसके सर सज रहा है ‘मुख्यमंत्री का ताज’
बिहार की सभी 243 सीटों पर वोटिंग की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है. सभी दलों ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. सभी दल सत्ता पर काबिज़ होने का दावा कर रहे है. बिहार चुनाव का नतीजा क्या होगा यह तो 10 नवंबर को ही पता चलेगा मगर आइये आपको बताते है की सट्टा बाजार किसके सर ‘मुख्यमंत्री का ताज’ पहना रहा है
सीएम नीतीश के सन्यास के एलान पर क्या बोला विपक्ष, पढ़ें तेजस्वी,चिराग,मांझी और कांग्रेस के बयान
पूर्णिया में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने आज तीसरे और अंतिम चरण के प्रचार खत्म होने से पहले एक चुनावी जनसभा के दौरान भावुक घोषणा करते हुए कहा,’आज चुनाव का आखिरी दिन है, परसों चुनाव है और ये मेरा अंतिम चुनाव है। अंत भला तो सब भला।’ नीतीश के इस बयान पर एनडीए के दलों ने जहां आश्चर्य व्यक्त किया वहीं विपक्ष ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
तीसरे चरण के लिए आज थमेगा प्रचार का शोर, 15 जिलों की 78 सीटों के लिए 1208 प्रत्याशी मैदान में, देखें
बिहार विधानसभा चुनावों के लिए आज तीसरे और अंतिम चरण का प्रचार थम जाएगा। दो चरण के मतदान पहले ही हो चुके हैं और तीसरे चरण का मतदान 7 नवम्बर को होना हैं। वही मतों की गिनती 10 नवम्बर को होगी और इसी के साथ यह साफ हो जाएगा कि बिहार में किसकी सरकार बनेगी। आपको बता दें कि अंतिम चरण में 15 जिले के 78 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे। विधानसभा सीटों के अलावा वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए भी मतदान 7 नवंबर को ही संपन्न होगा
तेजस्वी का महंगाई को लेकर बीजेपी पर वार, कहा- पहले डायन थी अब भौजाई है
बिहार विधानसभा चुनावों के प्रचार का आज अंतिम दिन है। इसके साथ ही बिहार में चुनावी शोर समाप्त हो जाएगा। तीसरे चरण के लिए शनिवार 7 नवम्बर को मतदान होना है। इससे पहले आज चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भी दलों के स्टार प्रचारकों ने जमकर रैलियों को संबोधित किया और अपनी उपलब्धियां, वादे और दूसरों को नाकामियां गिनाईं। इस दौरान तेजस्वी यादव ने महंगाई को लेकर निशाना साध।
बिहार चुनाव: पप्पू यादव ने नितीश को बताया ‘साइलेंट किलर’, BJP-RJD पर लगाया गठजोड़ का आरोप
बिहार चुनाव में कल दूसरे चरण का मतदान होना है. मगर इससे ठीक पहले जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो पप्पू यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार और RJD को आड़े हाथों लिया है. जहां एक ओर पप्पू यादव ने नितीश कुमार को साइलेंट किलर बताया है वहीँ उन्होंने दूसरी तरफ BJP-RJD पर गठजोड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है.
रैलियों में जुटी भीड़ पर बहस जारी, जदयू बोली- तेजस्वी भीड़ प्रबंधन कर रहे लेकिन वोट में बदलना मुश्किल
बिहार विधानसभा चुनावों के दूसरे दौर का प्रचार अब थम चुका है। अब दूसरे चरण में मंगलवार को मतदान होगा। इसके अलावा अब दलों और नेताओं का ध्यान तीसरे चरण की सीटों पर हैं। इन सब के बीच एक बहस यह भी है कि रैलियों में जुट रही भीड़ क्या वोट में तब्दील होगी? क्या भीड़ इस बात की परिचायक है कि सत्ता किसके हाथ होगी?
