बिहार विधानसभा को लेकर अब प्रचार का दौर जोर पकड़ने लगा है। दलों के स्टार प्रचारक अब मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। रैलियों का दिन और समय तय किया जाने लगा है। बीजेपी की तरफ से जहां सबसे बड़े प्रचारक पीएम नरेंद्र मोदी हैं तो वहीं जदयू की तरफ से नीतीश कुमार।
Tag: #मोदी सरकार
हमारी सरकार होती तो 15 मिनट में चीन को उठाकर बाहर फेंक देते- राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी खेती बचाओ यात्रा के दौरान कल हरियाणा के कुरुक्षेत्र में थे। कुरुक्षेत्र में यूं तो मौका कृषि बिल के खिलाफ विरोध का था लेकिन राहुल ने किसी भी मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरने का यह अवसर नही गंवाया। उन्होंने अपने संबोधन में चीन के साथ सीमा विवाद पर जमकर हमला बोला।
लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की हुई मौत का नही कोई रिकॉर्ड, राहुल बोले-तुमने न गिना तो क्या मौत न हुई?
कोरोना वायरस की वजह से देश मे 25 मार्च से लगाये गए सम्पूर्ण लॉकडाउन के दौरान देश मे कितने मजदूरों की मौत हुई मोदी सरकार के पास इससे संबंधित कोई आंकड़े नही हैं। सरकार यह बात सदन में कह चुकी है जबकि मीडिया में उस दौर में रोज यह खबरें आम थी जब कहीं न कहीं से रोज ऐसी मौतों के होने की खबरें आम थी। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जोरदार हमला बोला है।
चीन को भारी पड़ा अपना ही सर्वे, नतीजे में दिखा मोदी मैजिक
चीन ने भारत और यहां की सरकार को मद्देनजर रखते हुए एक सर्वे कराया है। अब यही सर्वे उसके गले की फांस बनता नजर आ रहा है। इस सर्वे के नतीजे चीन की सरकार और मीडिया को हैरान करने वाले हैं। पहले इन नतीजों को एक लेख के माध्यम से सार्वजनिक किया गया था लेकिन बाद में हटा लिया गया। हालांकि ग्लोबल टाइम्स के ट्वीट में अब भी यह नतीजे देखे जा सकते हैं। यह सर्वे बीजिंग, शंघाई, शियान, वुहान, चेंगडू, झेंगझाउ समेत 10 शहरों में कराया गया था। इसमें 1960 प्रतिभागी शामिल थे।
सावधान- एक ही घर मे अगर कई लोग ले रहे किसान सम्मान निधि का लाभ तो हो जाएं सावधान, हो सकती है जांच
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली 2,000 रुपये की क़िस्त अगर आप भी ले रहे हैं तो सावधान हो जाइए। यह सावधानी इसलिए बरतनी है क्योंकि सरकार इसके लाभुकों के बारे में अब जानकारी जुटाने पर विचार कर रही है। ऐसा उन शिकायतों के बाद किये जाने पर विचार हो रहा जिनमे कहा गया था कि सुखी सम्पन्न लोग सहित लाखों ऐसे लोग इस योजना के लाभुक बन बैठे हैं जिनका खेती से कोई लेना देना दूर-दूर तक नही है।
