केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसानों के लिए शुरू की गई किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली 2,000 रुपये की क़िस्त अगर आप भी ले रहे हैं तो सावधान हो जाइए। यह सावधानी इसलिए बरतनी है क्योंकि सरकार इसके लाभुकों के बारे में अब जानकारी जुटाने पर विचार कर रही है। ऐसा उन शिकायतों के बाद किये जाने पर विचार हो रहा जिनमे कहा गया था कि सुखी सम्पन्न लोग सहित लाखों ऐसे लोग इस योजना के लाभुक बन बैठे हैं जिनका खेती से कोई लेना देना दूर-दूर तक नही है।
खबरों के मुताबिक सरकार को बड़े पैमाने पर शिकायत मिली है कि कई ऐसे लोग इस योजना के लाभुक हैं जिनके पास खेतिहर जमीन तक नही है,या है तो इतनी नही है कि उन्हें इस योजना का लाभ मिले, इसके अलावा काफी लोग ऐसे हैं जो सरकारी कर्मचारी भी हैं इसके बावजूद भी वह इस योजना का लाभ फर्जी एंट्री के द्वारा उठा रहे हैं। अब सरकार ऐसे लाभुकों की जांच करेगी और इनका नाम न सिर्फ लाभुकों की सूची से हटाया जाएगा बल्कि कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा सकता है। सरकार यह जांच कराने के लिए पैन कार्ड का उपयोग करेगी। इसमें कृषि विभाग और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को शामिल किया जाएगा।.
गौरतलब है कि यह योजना उन किसानों को आर्थिक मदद देने के मकसद से शुरू की गई थी जिनके पास 2 हेक्टेयर या उससे कम जमीन है। इसके अलावा इस योजना का लाभ लेने के लिए जमीन का अपने नाम पर रजिस्टर होना आवश्यक है। अगर जमीन आपके पिता-दादा के नाम से है तो आप इस योजना के लाभार्थी बनने की पात्रता नही रखते हैं। साथ ही सरकारी कर्मचारी जिनके पास खेतिहर जमीन है लेकिन उनकी सैलरी या पेंशन से 10 हजार रुपये तक कि मासिक आय है वह भी इस योजना के लिए अयोग्य हैं।
इसके अलावा रजिस्टर्ड डॉक्टर्स, इंजीनियरों, वकीलों, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वास्तुकारों और उनके परिवार के लोग भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। वहीं अगर रजिस्टर्ड खेती योग्य जमीन पर किसान कोई दूसरा काम कर रहा है तो फिर पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि इन नियमों के बावजूद में बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थियों ने फर्जी तरीके से इस योजना का लाभ लिया जो अयोग्य थे अब ऐसे लाभार्थियों को सचेत होने की जरूरत है क्योंकि यह रकम लेना भारी पड़ सकता है।
