आखिर NCERT क्यों बदल रही है किताबों के नाम, जानिए क्या है ये एजेंडा

एनसीईआरटी ने अपनी कुछ स्कूल किताबों के नाम बदलने की योजना बनाई है, जिससे शिक्षा को अधिक समकालीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस कदम को लेकर शिक्षाविदों और समाज के कुछ हिस्सों में चिंता भी जताई जा रही है।

कक्षा 6 और 7 की अंग्रेज़ी की किताब का नाम अब ‘पूर्वी’, कक्षा 6 की गणित की किताब का नाम ‘गणित प्रकाश’, और कला की किताब को ‘कृति–I’ नाम से प्रकाशित किया गया है। एनसीईआरटी का कहना है कि इन नामों से छात्रों में भारत की सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा के प्रति रुचि बढ़ेगी।

हालांकि, कई विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ नाम बदलने से शिक्षा की गुणवत्ता नहीं सुधरेगी। उनका मानना है कि असली ज़रूरत किताबों की सामग्री को बेहतर और समावेशी बनाने की है। कुछ लोगों ने इस बदलाव को राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित बताया है और आशंका जताई है कि इससे शिक्षा में पक्षपात बढ़ सकता है।

शिक्षा मंत्रालय ने सफाई दी है कि यह बदलाव केवल छात्रों के समग्र दृष्टिकोण को विकसित करने के लिए किया जा रहा है।

फिलहाल, बहस यही है कि नाम बदलने से क्या वास्तव में कुछ बदलेगा या यह सिर्फ सतही सुधार बनकर रह जाएगा।

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