हिमाचल प्रदेश अब भारत का चौथा पूर्ण साक्षर राज्य बन चुका है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब त्रिपुरा, मिजोरम, और गोवा के बाद हिमाचल प्रदेश ऐसा राज्य हैं, जिसने पूरी तरह से साक्षरता हासिल कर ली है। इस उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में घोषित किया गया था।
इस साल का थीम था “डिजिटल युग में साक्षरता को बढ़ावा देना”, जिसमें डिजिटल तकनीक के माध्यम से पढ़ने-लिखने और गणना की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया गया हैं। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा को समाज की नींव मानने वाली दृष्टि को भी इस मौके पर दोहराया गया है।
ULLAS कार्यक्रम के तहत अब तक 3 करोड़ से अधिक लोगों को शिक्षा से जोड़ा जा चुका है। 1.83 करोड़ लोगों ने आधारभूत साक्षरता और गणित का मूल्यांकन पास किया, जिसमें 90% सफल रहे। अब यह कार्यक्रम 26 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है ताकि सभी तक शिक्षा पहुंच सके।
राज्य मंत्री शिक्षा जयंत चौधरी ने कहा कि कठिन भौगोलिक स्थिति के बावजूद हिमाचल प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल कर शानदार उदाहरण पेश किया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भी इस अभियान में भाग लें और इसे अकादमिक क्रेडिट के तौर पर जोड़ें।
