संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत ने पाकिस्तान को उसकी नीतियों और झूठे आरोपों पर सख़्त लहजे में जवाब दिया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि पाकिस्तान न केवल आतंकवाद का केंद्र है, बल्कि बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघनकर्ता भी है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि पाकिस्तान की सीमा-पार गोलाबारी और हवाई हमलों में कई अफ़ग़ान बच्चे मारे गए, स्कूलों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले हुए — खासकर लड़कियों के स्कूलों पर निशाना साधा गया।
दुबे ने कहा, “पाकिस्तान दुनिया को उपदेश देने से पहले अपने भीतर झाँके। जब तक वो आतंक और नफ़रत की राजनीति छोड़कर अपने देश के बच्चों को सुरक्षा नहीं देता, उसे कोई नैतिक अधिकार नहीं।”
उन्होंने बताया कि पहलगाम आतंक हमले (अप्रैल 2025) में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद भारत ने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया — एक संतुलित और वैध सैन्य कार्रवाई, जिसमें पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर (PoJK) में नौ आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए गए।
दुबे ने कहा, “भारत ने आतंकवाद को उसी की भाषा में जवाब दिया — सोच-समझकर, सटीकता से और न्याय के लिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारत बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी योजनाओं से हर बच्चे तक सहायता पहुँचाने का प्रयास जारी है।
