देश में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) सितंबर 2025 में घटकर 1.54 प्रतिशत पर आ गई — यह पिछले 8 सालों में सबसे निचला स्तर है। इससे पहले जून 2017 में महंगाई 1.46 प्रतिशत थी। अगस्त 2025 में यह दर 2.07 प्रतिशत थी, जबकि पिछले साल सितंबर में 5.49 प्रतिशत थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से सब्ज़ियों, फलों, दालों और खाद्य तेलों के दाम घटने से आई है। सितंबर में खाद्य महंगाई -2.28% रही, यानी खाने-पीने की चीज़ों के दाम पिछले साल की तुलना में कम हुए हैं।
ग्रामीण इलाकों में महंगाई 1.07% और शहरी इलाकों में 2.04% दर्ज की गई।
राज्यों में सबसे ज़्यादा महंगाई केरल (9.05%) में और सबसे कम — यानी माइनस 0.61% — उत्तर प्रदेश में रही।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी अक्टूबर मौद्रिक नीति में 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान 3.1% से घटाकर 2.6% कर दिया है। बैंक का मानना है कि अच्छी मानसून प्रगति, खरीफ फसलों की बढ़िया बुवाई और खाद्य भंडार की पर्याप्तता से दाम स्थिर रहेंगे।
वहीं, विशेषज्ञों के अनुसार हाल में हुई GST दरों में कटौती और सस्ते खाद्य दामों से आने वाले महीनों में महंगाई और कम हो सकती है।
ICRA और India Ratings जैसी एजेंसियाँ अनुमान लगा रही हैं कि अक्टूबर 2025 में खुदरा महंगाई करीब 1% तक पहुँच सकती है — जो 2011-12 के आधार वर्ष के बाद का सबसे निचला स्तर होगा।
