कांग्रेस सांसद शशि थरूर के “राष्ट्र सर्वोपरि” बयान को लेकर पार्टी के अंदर ही विवाद खड़ा हो गया है। तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने हाल ही में कहा था कि “कभी-कभी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अन्य पार्टियों से सहयोग ज़रूरी होता है।” इस पर केरल के वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा, “हम शशि थरूर के साथ केरल में सहयोग नहीं करेंगे। वे हमेशा कांग्रेस और इंदिरा गांधी पर हमला करते हैं। पिछले एक साल में प्रधानमंत्री मोदी ने संजय गांधी का नाम तक नहीं लिया, लेकिन थरूर ने संजय गांधी पर आरोप लगाए। वे राहुल गांधी के बयानों का भी विरोध करते हैं।”
मुरलीधरन ने यह भी कहा कि थरूर अब अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रिय नहीं हैं और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी उनके साथ नहीं चलेगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान का होगा।
इससे पहले कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान थरूर ने कहा था, “मेरे लिए राष्ट्र पहले आता है, पार्टियां बाद में। जब देश संकट में हो, तब सभी दलों को मतभेद भुलाकर एक होना चाहिए।” उन्होंने नेहरू के शब्द दोहराए “भारत अगर नहीं बचेगा, तो कौन बचेगा?”
इस पर RSP सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने कहा, “हर पार्टी देशहित में ही काम करती है। पार्टी और राष्ट्रहित को अलग करना गलत है।”
