हिमाचल प्रदेश में मानसून तबाही मचा रहा है। अब तक 125 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 70 की जान भूस्खलन, बादल फटने, करंट लगने और मकान ढहने जैसी घटनाओं में गई है। वहीं, 55 लोग सड़क हादसों में मारे गए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के मुताबिक, सोमवार सुबह 10 बजे तक प्रदेश में 468 सड़कें बंद, 676 पेयजल योजनाएं प्रभावित, और 1,199 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप हैं।
सबसे ज्यादा असर मंडी, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा जिलों में देखा गया है। मंडी में 310 सड़कें बंद हैं और 390 ट्रांसफॉर्मर फेल हो चुके हैं। कांगड़ा में 595 जल योजनाएं ठप हैं, जो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा हैं।
कुल्लू में 33 सड़कें और 111 ट्रांसफॉर्मर बंद हैं, जबकि चंबा में 39 सड़कें और 214 ट्रांसफॉर्मर खराब हो चुके हैं। दो नेशनल हाईवे (NH-21 और NH-154) भी अवरुद्ध हैं।
बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन लगातार बारिश से राहत कार्यों में बाधा आ रही है। लोक निर्माण, जल शक्ति और बिजली विभाग की टीमें दिन-रात काम में जुटी हैं। प्रशासन ने लोगों से आवश्यक न हो तो यात्रा टालने की अपील की है।
