बख्तियारपुर का नाम बदले जाने की मांग को लेकर पत्रकारों के सवाल पर नीतीश कुमार ने इसे फालतू बात करार दिया। भाजपा नेताओं द्वारा बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग की जा रही है जिसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए।

इस दौरान पास में ही खड़े दोनों उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे चुपचाप उनके जवाब को सुनते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा “अरे क्या फालतू है?

बख्तियारपुर का नाम क्यों बदलेगा? मेरा जन्मस्थान बख्तियारपुर है, उसका नाम कौन बदलेगा? क्या बात करते हैं? बख्तियारपुर के बारे में बिना मतलब की बात की जा रही है।”

मुख्यमंत्री ने जनता के दरबार कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बख्तियारपुर का नाम बदलने के सवाल पर जवाब दिया कि “यहीं पर हुआ और इसी से नालंदा गया। आपको मालूम है ‘ऑल इंडिया कानून’ बन रहा था पार्लियामेंट में तो पार्लियामेंट के मेंबर ने क्या कहा?

जिस नालंदा यूनिवर्सिटी को नष्ट कर दिया गया, उसका बख्तियारपुर में ही कैंप रखा था। और इस बार उसी बख्तियारपुर में जन्म लेने वाला एक आदमी नये सिरे से फिर नालंदा यूनिवर्सिटी का निर्माण कर रहा है। ये सब फालतू चीज है।”

ज्ञात हो कि मधुबनी के बिस्फी से भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने सोमवार को आक्रांता बख्तियार खिलजी, जिसने नालंदा का विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय को जलाया था, जैसे आक्रमणकारी के नाम पर इस शहर का नाम नहीं होने देने चाहिए की मांग की थी।

भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा था कि “बख्तियारपुर का नाम बदला जाना चाहिए क्योंकि जिस शख्स के नाम पर शहर का नाम है उसी ने नालंदा विश्वविद्यालय को बर्बाद किया था। 

ऐसे में बख्तियारपुर का नाम बदलकर नीतीश कुमार के नाम पर ‘नीतीश नगर’ होना चाहिए। नीतीश कुमार वहां पले-बढ़े और पढ़े हैं, इसलिए इसका नाम ‘नीतीश नगर’ रखना चाहिए। बख्तियारपुर का नाम कुतबुद्दीन ऐबक के सैन्य जनरल बख्तियार खिलजी के नाम पर रखा गया है जिन्होंने प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया था।  खिलजी लुटेरा था इसलिए शहर का नाम बदलना चाहिए।”

पत्रकारों से आगे बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर राज्य में मेगावैक्सीनेशन ड्राइव चलाया जाएगा जिसकी तैयारी चल रही है।