कोरोना वायरस संक्रमण लॉकडाउन के चलते ब्रिटेन में मंदी की आधिकारिक रूप से शुरुआत हो गई है. पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) के चलते दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में ब्रिटेन  की जीडीपी में 20.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. पहली तिमाही में भी अर्थव्यस्था 2.2 प्रतिशत गिरी थी. लगातार 2 तिमाही तक अर्थव्यस्था गिरने के बाद ब्रिटेन में आधिकारिक तौर पर मंदी मानी जाती है.

लॉकडाउन के दौरान दुकानों और बाज़ारो के खुलने पर पाबंदी थी जिससे सामन की बिक्री और खपत पर असर पड़ा. यही नहीं. फैक्ट्रियां बंद होने से भी अर्थव्यस्था पर गहरा असर पड़ा है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन को 11 साल बाद इस तरह की मंदी का सामना करना पड़ रहा है.

जानकारों का कहना है की कोरोना से बचने के लिए सरकार ने जून तक जो लॉकडाउन लगाया था, ये उसी का असर है. हालांकि अब लॉकडाउन हटने के बाद ब्रिटेन की अर्थव्यस्था फिर से पटरी पर लौटने लगी है.