August 1 से बड़े वित्तीय बदलाव: UPI से लेकर SBI क्रेडिट कार्ड तक, जानिए जरूरी बातें

1 अगस्त 2025 से भारत के वित्तीय क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होंगे, जिनका सीधा असर डिजिटल पेमेंट, क्रेडिट कार्ड और ट्रेडिंग समय पर पड़ेगा।

UPI में बदलाव-
NPCI ने अप्रैल में एक सर्कुलर जारी कर यूजर्स को बताया कि UPI ट्रांजैक्शन की स्पीड और सुरक्षा बढ़ाने के लिए नियम बदले जाएंगे। अब प्रति ऐप रोजाना सिर्फ 50 बैलेंस चेक की अनुमति होगी। ऑटो-पे ट्रांजैक्शन केवल पीक आवर्स के बाहर (सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे, और रात 9:30 के बाद) होंगे। ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक केवल 3 बार और 90 सेकंड के गैप के साथ किया जा सकेगा। साथ ही, पेमेंट से पहले बेनिफिशियरी का बैंक नाम दिखेगा, जिससे धोखाधड़ी कम होगी।

SBI क्रेडिट कार्ड अपडेट-
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कई को-ब्रांडेड कार्ड्स पर मिलने वाला फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस बंद करने का फैसला किया है। इसमें कई SBI कार्ड्स के प्राइम और एलीट वर्जन शामिल हैं।

LPG और CNG की कीमतें-
1 अगस्त को LPG, CNG, PNG और एविएशन टरबाइन फ्यूल की कीमतों की समीक्षा हो सकती है और आवश्यकतानुसार बदलाव किए जा सकते हैं।

ट्रेडिंग घंटे बढ़ेंगे-
RBI ने कॉल मनी, मार्केट रेपो और ट्राय-पार्टी रेपो (TREPs) के ट्रेडिंग घंटे बढ़ाने का ऐलान किया है। कॉल मनी मार्केट सुबह 9 से शाम 7 बजे तक खुला रहेगा, जबकि मार्केट रेपो और TREPs के लिए ट्रेडिंग शाम 4 बजे तक बढ़ा दी गई है।

RBI MPC बैठक-
4 से 6 अगस्त तक RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक होगी, जिसमें रेपो रेट पर फैसले हो सकते हैं, जो उधार दरों को प्रभावित कर सकते हैं।

ये बदलाव आम लोगों से लेकर वित्तीय संस्थानों तक सभी को प्रभावित करेंगे, इसलिए तैयार रहना जरूरी है।

 

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