रूस दौरे पर गए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-रूस व्यापार संबंधों को और मज़बूत करने पर जोर देते हुए $58.9 अरब के व्यापार घाटे को “तत्काल सुलझाने” की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार पांच गुना बढ़ा है, लेकिन व्यापार संतुलन बुरी तरह बिगड़ गया है।
जयशंकर ने कहा, “2021 में हमारा व्यापार $3 अरब था, जो अब $68 अरब हो चुका है। लेकिन इस दौरान व्यापार घाटा $6.6 अरब से बढ़कर $58.9 अरब हो गया है – यानी नौ गुना। इसे तुरंत सुलझाना होगा।”
उन्होंने यह बयान भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में रूस के फर्स्ट डिप्टी पीएम डेनिस मंतुरोव के साथ सह-अध्यक्षता करते हुए दिया।
जयशंकर ने व्यापार संतुलन सुधारने के लिए टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को हटाने, लॉजिस्टिक सुधार, और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC), नॉर्दर्न सी रूट और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री मार्ग जैसे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को तेज़ करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से 2030 तक $100 अरब व्यापार लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
जयशंकर ने भारत-यूरेशियन इकॉनॉमिक यूनियन के साथ FTA की जल्द समाप्ति की भी अपील की।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगा दिए हैं और ट्रंप प्रशासन रूस से तेल खरीद पर भारत को दबाव में ले रहा है। ऐसे में रूस के साथ भारत की बढ़ती नजदीकी रणनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही है।
