प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को देश को संबोधित करते हुए “नेक्स्ट-जेनरेशन GST सुधारों” की घोषणा की थी, जिससे आम जनता पर टैक्स का बोझ कम होगा। अब सूत्रों के मुताबिक, ये नए GST दरें 22 सितंबर तक लागू हो सकती हैं। माना जा रहा है कि यह बदलाव नवरात्रि के आसपास एक ‘टैक्स दिवाली’ का तोहफा बनकर आएगा।
GST काउंसिल, जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी, 3-4 सितंबर को दिल्ली में बैठक करेगी। इसमें केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित दो-स्तरीय GST ढांचे (5% और 18%) पर चर्चा की जाएगी। इसके तहत वस्तुओं और सेवाओं को ‘मेरिट’ और ‘स्टैंडर्ड’ कैटेगरी में बांटा जाएगा। कुछ चुनिंदा वस्तुओं जैसे लग्ज़री कारें और ‘सिन गुड्स’ पर 40% का विशेष टैक्स लागू रहेगा।
वर्तमान में GST का ढांचा चार स्लैब — 5%, 12%, 18% और 28% — का है। सरकार के अनुसार, नए सुधार तीन स्तंभों पर आधारित हैं:
- संरचनात्मक सुधार – उलझे टैक्स ढांचे को सरल बनाना
- दरों का युक्तिकरण – आम जनता और इच्छित वस्तुओं पर टैक्स कम करना
- ईज़ ऑफ लिविंग – स्टार्टअप पंजीकरण, प्री-फिल्ड रिटर्न और फास्ट रिफंड जैसी सुविधाएं देना
सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है।
