अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर एक और विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि “यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अगर चाहें तो यह युद्ध तुरंत खत्म कर सकते हैं।”
ट्रंप ने लिखा, “याद रखें, यह कैसे शुरू हुआ। ओबामा ने 12 साल पहले बिना एक भी गोली चले क्रीमिया रूस को सौंप दिया था। और यूक्रेन का नाटो में जाना — यह कभी नहीं होना था। कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं!”
इस बयान में ट्रंप ने दो बड़े मुद्दों को उभारा —
- क्रीमिया पर ओबामा प्रशासन की नीतियों की आलोचना,
- यूक्रेन के नाटो सदस्य बनने की मंशा को युद्ध का प्रमुख कारण बताना।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन रूस के खिलाफ लगातार संघर्षरत है और पश्चिमी देशों से सैन्य व आर्थिक मदद प्राप्त कर रहा है। उनका यह बयान न केवल यूक्रेन की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाता है, बल्कि नाटो जैसे पश्चिमी गठबंधन की भूमिका पर भी कटाक्ष करता है।
राजनीतिक विश्लेषक ट्रंप के बयान को आगामी अमेरिकी चुनावों से पहले रूसी रुख के प्रति उनके पुराने रुझान का हिस्सा मान रहे हैं। वहीं, यूक्रेन समर्थकों और नाटो सहयोगियों ने इसे “गंभीर और भ्रामक टिप्पणी” करार दिया है।
ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि वो दोबारा सत्ता में आए तो यूक्रेन युद्ध “24 घंटे में खत्म कर देंगे” — यह बयान उसी रुख की पुष्टि करता है।
