अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी भारत के सात दिवसीय दौरे पर हैं। यह यात्रा द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर संवाद को गहरा करने के उद्देश्य से की जा रही है। अपने कार्यक्रम के तहत मुत्ताकी शनिवार को उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक दारुल उलूम देवबंद का दौरा करेंगे।
वे सुबह 10:30 बजे सड़क मार्ग से देवबंद पहुंचेंगे और करीब पांच घंटे वहां बिताएंगे। तालिबान शासन के किसी वरिष्ठ नेता की यह देवबंद की पहली यात्रा होगी। इस दौरान मुत्ताकी की मुलाकात प्रमुख इस्लामी विद्वानों — मौलाना अबुल क़ासिम नोमानी (मोहतमिम, दारुल उलूम) और मौलाना अरशद मदनी (अध्यक्ष, जमीयत उलेमा-ए-हिंद) — से होने की संभावना है। वे मदरसे के परिसर का भी दौरा करेंगे और शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श करेंगे।
दारुल उलूम देवबंद तालिबान के लिए वैचारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थान माना जाता है। पाकिस्तान के हक्कानिया मदरसे — जिसे “तालिबान की नर्सरी” कहा जाता है — की स्थापना देवबंद के ही परंपरा पर हुई थी।
12 अक्टूबर को मुत्ताकी आगरा में ताजमहल का दीदार करेंगे और अगले दिन नई दिल्ली में भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
यह दौरा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा यात्रा प्रतिबंध में छूट मिलने के बाद संभव हुआ है। हाल ही में भारत और तालिबान के बीच कई अनौपचारिक कूटनीतिक संपर्क हुए हैं, जिनमें भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री की काबुल यात्रा भी शामिल है।
