सत्ता से परे संघ: सौ साल बाद भी अडिग, आत्मबल से आगे बढ़ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने गुरुवार को अपने 100 वर्ष पूरे किए। इस अवसर पर संगठन के प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने कहा कि संघ का विकास इस बात पर निर्भर नहीं करता कि सत्ता में कौन है। “चाहे बीजेपी जीते या हारे, संघ अगले दिन भी अपने कार्य में जुटा रहेगा,” उन्होंने एनडीटीवी से कहा।

अंबेकर ने स्पष्ट किया कि RSS का काम राजनीति से परे है और इसका प्रभाव शिक्षा, श्रम, समाजसेवा जैसे कई क्षेत्रों में दिखता है। “अगर सरकार किसी स्तर पर अड़चनें खड़ी करती है, तो हमारे कार्यकर्ता उन्हें पार करने के लिए और अधिक मेहनत करते हैं,” उन्होंने जोड़ा।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी हिंसक घटना को स्वतः ही हिंदू संगठनों से जोड़ना गलत है। “गलत तो गलत है, पर इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। हमारा देश आगे बढ़ रहा है, और हमारे प्रयास भी उसी दिशा में बढ़ने चाहिए,” अंबेकर ने कहा।

विपक्ष के आरोपों पर, कि RSS ही बीजेपी की ‘हाई कमांड’ है, उन्होंने कहा, “हम राजनीति नहीं करते। मोदी अकेले देश का सारा काम नहीं कर सकते — हर क्षेत्र के लोग मिलकर काम करें, यही संघ का दृष्टिकोण है।” 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा नागपुर में स्थापित RSS आज भी अपने मूल सिद्धांत — स्वअनुशासन, सेवा और समाज निर्माण — के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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