पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शेहबाज़ शरीफ़ एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खुलकर प्रशंसा करने के बाद चर्चा में हैं। शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा कि ट्रंप ने कंबोडिया और थाईलैंड के बीच शांति समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई और क्वालालंपुर समझौते तथा ग़ाज़ा शांति योजना के ज़रिए “दुनिया में लाखों लोगों की जान बचाई।”
शरीफ़ ने ट्रंप को इस साल नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामित किया है। इस बयान पर पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि “ट्रंप की चापलूसी के ओलंपिक में शरीफ़ अब भी गोल्ड मेडल के दावेदार हैं।”
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी हक्कानी की पोस्ट को साझा करते हुए इस पूरे वाकये पर व्यंग्य किया। यह पहली बार नहीं है जब शरीफ़ ने ट्रंप की तारीफ की हो। इस महीने की शुरुआत में ग़ाज़ा सम्मेलन के दौरान भी उन्होंने ट्रंप की “अथक कोशिशों” को मध्यपूर्व में शांति का श्रेय दिया था। सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूज़र्स ने प्रधानमंत्री के इस रवैये को “राष्ट्र की बेइज़्ज़ती” बताया है।
