विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से कुआलालंपुर में मुलाकात की। यह बैठक उस समय हुई जब भारत-अमेरिका संबंध वाशिंगटन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाए जाने के बाद तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं।
यह वार्ता आसियान शिखर सम्मेलन के इतर हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था और साथ ही रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी लगाया था।
भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण” बताया है। माना जा रहा है कि बैठक में संभावित व्यापार समझौते पर भी चर्चा हुई, लेकिन अमेरिका की ओर से ऊर्जा पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क हटाने का कोई आश्वासन नहीं मिला।
हाल के दिनों में ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई है, हालांकि भारत ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उसकी ऊर्जा नीति विविधीकरण और उपभोक्ता हित पर केंद्रित है।
रुबियो ने कहा कि भारत पहले से ही अपने तेल पोर्टफोलियो को विविध बनाना चाहता था, लेकिन उन्होंने संभावित व्यापार वार्ताओं पर कोई टिप्पणी करने से इंकार किया। यह मुलाकात उस समय हुई जब ट्रंप ने दीवाली की शुभकामनाएं मोदी को दीं और अमेरिका ने रूसी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाए, जिससे भारतीय रिफाइनरियों पर असर पड़ सकता है।
