संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत परवथानेनी हरीश ने पाकिस्तान को “आतंकवाद, कट्टरता और IMF से कर्ज लेने की लत से ग्रस्त” देश करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच विकास, समृद्धि और लोकतंत्र के मॉडल में जमीन-आसमान का फर्क है।
UNSC की उच्च-स्तरीय बहस “बहुपक्षवाद और शांतिपूर्ण समाधान के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा” विषय पर बोलते हुए राजदूत हरीश ने कहा, “भारत एक परिपक्व लोकतंत्र, मजबूत अर्थव्यवस्था और समावेशी समाज है। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान कट्टरता, आतंकवाद और लगातार कर्ज लेने में डूबा हुआ है।”
उन्होंने कहा, “भारत हमेशा एक जिम्मेदार साझेदार रहा है, जो शांति, न्याय और समानता पर आधारित वैश्विक व्यवस्था के लिए प्रयासरत है।”
राजदूत हरीश ने पाकिस्तान की ओर से किए गए 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले की भी याद दिलाई, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और POK स्थित आतंकी ठिकानों पर लक्षित कार्रवाई की, जो “संतुलित और गैर-उकसावे वाली” थी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने 10 मई को युद्धविराम पाकिस्तान के सीधे अनुरोध पर स्वीकार किया था, और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शांति का श्रेय लेने का दावा तथ्यात्मक नहीं था।
