अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ एक और व्यापारिक मोर्चा खोलते हुए भारतीय वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। यह नया शुल्क तीन हफ्तों में लागू होगा, जिससे कई उत्पादों पर कुल टैरिफ 50% तक पहुंच जाएगा। ट्रंप का कहना है कि यह कदम रूस से भारत के तेल आयात के जवाब में उठाया गया है।
टैरिफ से फिलहाल इस्पात, एल्युमिनियम जैसी कुछ सेक्टर-विशिष्ट वस्तुओं और फार्मा, सेमीकंडक्टर जैसे संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों को छूट दी गई है।
भारत ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण” बताया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत ने रूस से तेल आयात इसलिए शुरू किया क्योंकि पारंपरिक आपूर्तियां युद्ध के चलते यूरोप की ओर मोड़ दी गई थीं। मंत्रालय ने यह भी जोड़ा कि अमेरिका ने ही उस समय इस विकल्प को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया था, ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजार स्थिर रह सके।
भारत ने संकेत दिया है कि वह इस दबाव में नहीं झुकेगा। जानकार मानते हैं कि अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने, तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में खिंचाव और बढ़ सकता है।
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि रूस से व्यापार जारी रहा, तो भारत को “सेकेंडरी सैंक्शंस” का सामना करना पड़ सकता है।
अब देखना यह होगा कि ये व्यापार युद्ध किस दिशा में जाता है – समझौते की ओर या टकराव की ओर।
