संयुक्त राष्ट्र में भारत का कड़ा रुख: ‘पाहलगाम हमले को म्यांमार शरणार्थियों से जोड़ना पक्षपातपूर्ण और बेबुनियाद’

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भारत ने म्यांमार की मानवाधिकार स्थिति पर आए हालिया रिपोर्ट के उन अंशों पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिनमें अप्रैल 2025 के पाहलगाम आतंकी हमले को म्यांमार के विस्थापित लोगों से जोड़ने की कोशिश की गई थी।

लोकसभा सांसद दिलीप सैकिया ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियां “बेबुनियाद और पक्षपातपूर्ण” हैं और भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास लगती हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के कुछ हिस्से बिना सत्यापन वाले मीडिया स्रोतों पर आधारित हैं, जिन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।

भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लोकसभा सांसद डॉ. डी. पुरंदेश्वरी ने किया, जिन्होंने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

सैकिया ने बैठक के दौरान कहा कि भारत “म्यांमार-नियोजित और म्यांमार-नेतृत्व वाले शांति प्रक्रिया” का समर्थन करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थायी शांति केवल समावेशी राजनीतिक संवाद और विश्वसनीय चुनावी प्रक्रिया से ही संभव है।

उन्होंने भारत द्वारा म्यांमार को दी जा रही मानवीय सहायता — जैसे ऑपरेशन ब्रह्मा और ऑपरेशन सद्भाव — का भी उल्लेख किया, जिनके तहत प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर राहत पहुंचाई गई।

एक अन्य सत्र में, सांसद सजदा अहमद ने वैश्विक निरस्त्रीकरण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि भारत बहुपक्षीय सहयोग में विश्वास रखता है तथा संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों के अनुरूप शांति और स्थिरता के लिए साझेदारी जारी रखेगा।

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