गाज़ा में हमले में 5 पत्रकारों की मौत पर भारत ने जताया कड़ा विरोध

गाज़ा के नासिर अस्पताल पर हुए इज़रायली हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 5 पत्रकार भी शामिल थे। इस दोहरे हमले (‘डबल-टैप अटैक’) ने न केवल अस्पताल परिसर को दहलाया, बल्कि पूरी दुनिया में आक्रोश फैला दिया।

भारत ने इस हमले को “झकझोर देने वाला और बेहद अफसोसजनक” बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “भारत हमेशा संघर्ष में नागरिकों की मौत की निंदा करता है। हमें जानकारी है कि इज़रायली अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं।”

मारे गए पत्रकारों में अल जज़ीरा के मोहम्मद सलामा, रॉयटर्स के कैमरामैन हुस्साम अल-मसरी और AP से जुड़ी फ्रीलांस पत्रकार मरियम अबू दक्का शामिल थीं।

इज़रायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी “गंभीर अफसोस” जताते हुए कहा कि वे पत्रकारों और नागरिकों के कार्यों की सराहना करते हैं। इज़रायली सेना ने दावा किया कि हमले का उद्देश्य अस्पताल परिसर में हमास द्वारा लगाए गए निगरानी कैमरे को नष्ट करना था, और हमले में छह आतंकी मारे गए।

अल जज़ीरा के रिपोर्टर ने बताया कि हमला पूरे क्षेत्र में दहशत और अफरातफरी फैला गया, जबकि डॉक्टरों ने इसे एक “डबल-टैप” हमला बताया, जिसमें पहला धमाका होते ही पत्रकारों और बचावकर्मी पहुंचे—और फिर दूसरा हमला हुआ।

इस बीच, गाज़ा में इज़रायली हमलों में सोमवार से अब तक 61 मौतें हो चुकी हैं।

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