ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर ने भारत यात्रा की शुरुआत से पहले ही साफ़ कर दिया है कि उनकी सरकार भारत के साथ कोई नया वीज़ा समझौता नहीं करने जा रही है। स्टार्मर ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और इस साल हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से अधिकतम लाभ उठाना है।
दो दिन के भारत दौरे पर आए स्टार्मर अपने साथ ब्रिटेन की कई बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल भी लाए हैं, जो व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करेगा। मई में तय हुआ और जुलाई में हस्ताक्षरित यह समझौता अगले साल प्रभाव में आएगा।
स्टार्मर ने कहा कि वीज़ा का मुद्दा पहले व्यापार वार्ताओं में अड़चन बना था, लेकिन इस बार दोनों देशों ने ऐसा समझौता किया है जिसमें वीज़ा की कोई शर्त शामिल नहीं है। उन्होंने साफ़ किया, “यह यात्रा वीज़ा पर नहीं, बल्कि उस व्यापारिक अवसर पर केंद्रित है जिसे हमने पहले ही हासिल कर लिया है।”
ब्रिटेन में प्रवासन को लेकर बढ़ती चिंता के बीच स्टार्मर की लेबर पार्टी कठोर रुख अपनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ वापसी समझौता पहले से मौजूद है, इसलिए कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि, भविष्य में ब्रिटेन यह विचार कर सकता है कि वीज़ा और वापसी समझौतों के बीच कोई नया संबंध जोड़ा जाए। संदेश साफ़ है — ब्रिटेन चाहता है व्यापारिक साझेदारी, न कि वीज़ा राजनीति।
