सबरीमला मंदिर से जुड़े कथित सोना चोरी मामले में केरल हाईकोर्ट के विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के फैसले का कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्वागत किया, लेकिन साथ ही राज्य सरकार पर गंभीर सवाल भी उठाए।
थरूर ने एएनआई से बातचीत में कहा, “केरल में हर कोई समझ रहा है कि कुछ न कुछ बेहद संदिग्ध है। कई किलो सोना गायब होने के आरोप बहुत गंभीर हैं। मुझे खुशी है कि अब इस पर हाईकोर्ट की निगरानी में SIT जांच होगी। लेकिन जनता में गहरी चिंता है। यह कोई एकबारगी घटना नहीं लगती, बल्कि मौजूदा सरकार के दौर में वर्षों से चल रही एक संगठित गड़बड़ी का हिस्सा प्रतीत होती है। जवाबदेही तय होना बेहद ज़रूरी है।”
हाईकोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि जांच संपूर्ण गोपनीयता में की जाए और कोई भी जानकारी लीक नहीं होनी चाहिए। जांच की जिम्मेदारी पूर्व पुलिस अधीक्षक एस. ससीधरन को दी गई है, जबकि इसकी निगरानी क्राइम ब्रांच प्रमुख एडीजीपी एच. वेंकटेश करेंगे। टीम में तीन निरीक्षक और साइबर विशेषज्ञ शामिल हैं।
यह विवाद 2019 से जुड़ा है, जब त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) ने मंदिर की सोने जड़ी तांबे की पट्टिकाएं मरम्मत के लिए हटवाई थीं। हाल ही में सामने आया कि दो पट्टिकाएं गायब हैं और करीब 5 किलो वजन भी कम पाया गया।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब हाईकोर्ट ने प्लेटों को वापस लाने और TDB को प्रक्रियागत चूक के लिए फटकार लगाई।
इस मुद्दे पर अब कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है और CBI जांच की मांग तेज़ कर दी है।
