जर्मनी के बेंजामीन लीस्ट और अमेरिका के डेविड मैक्मिलन को संयुक्त रूप से कैमिस्ट्री के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। बेंजामीन लीस्ट और डेविड मैक्मिलन को यह सम्मान अणुओं के निर्माण के वास्ते उपकरण बनाने के लिए दिया गया है।
दोनों ने आणविक निर्माण के लिए एक सटीक नया उपकरण विकसित किया, जिसका फार्मास्युटिकल अनुसंधान पर बहुत प्रभाव पड़ा है। रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज, स्टॉकहोम, स्वीडन द्वारा प्रदान किया जाता है।
ऑर्गेनोकैटलिसिस एक आश्चर्यजनक गति से विकसित हुआ है। इन प्रतिक्रियाओं का उपयोग करते हुए शोधकर्ता अब नए फार्मास्यूटिकल्स से लेकर अणुओं तक कुछ भी अधिक कुशलता से बना सकते हैं, जो सौर कोशिकाओं में प्रकाश को पकड़ सकते हैं।
एसिमेट्रिक ऑर्गेनोकैटलिसिस की खोज ने रसायन विज्ञान को हरा-भरा बना दिया है साथ ही असीमित अणुओं का उत्पादन करना भी बहुत आसान बना दिया है।
इसके अलावा जलवायु परिवर्तन की समझ को बढ़ाने और जटिल प्रणालियों पर काम करने के लिए जापान, जर्मनी और इटली के तीन वैज्ञानिकों को इस वर्ष भौतकी के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया।
जापान के रहने वाले स्यूकूरो मनाबे और जर्मनी के क्लॉस हैसलमैन को ‘पृथ्वी की जलवायु की भौतिक मॉडलिंग, ग्लोबल वॉर्मिंग के पूर्वानुमान की परिवर्तनशीलता और प्रामाणिकता के मापन’ क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए चुना गया है।
पुरस्कार का दूसरे भाग इटली के जॉर्जियो पारिसी को ‘परमाणु से लेकर ग्रहों के मानदंडों तक भौतिक प्रणालियों में विकार और उतार-चढ़ाव की परस्पर क्रिया की खोज’ के लिए दिया जाएगा। पुरस्कृत करते वक्त कहा गया कि तीनों ने ‘जटिल प्रणालियों’ पर काम किया है जिनमें से जलवायु एक उदाहरण है।
