TRP केस: मेजिस्ट्रेट आरोपियों ने स्वीकारा रिपब्लिक टीवी का नाम, व्यूअरशिप बढ़ाने के लिए चुकाता था मोटी रकम

TRP केस में आज मेजिस्ट्रेट के सामने 5 में से 3 आरोपियों ने यह स्वीकार किया है की वह व्यूअरशिप बढ़वाने के लिए रिपब्लिक टीवी के अधिकारियों से मोटी रकम वसूलते थे. उन्होंने बताया की वह रिपब्लिक टीवी से पैसा लेकर आगे लोगों को देते थे ताकि चैनल की व्यूअरशिप में इज़ाफ़ा हो. अब पुलिस इन तीनों को सरकारी गवाह बनाकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है.  

पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया को यह जानकारी दी. परमबीर ने आगे बताया जिन तीन आरोपियों ने रिपब्लिक टीवी का नाम लिया है उसमें एक हंसा कंपनी में काम करता है. आपको बतादें की हंसा वही कंपनी है जिसका नाम TRP फर्ज़ीवाड़े में सामने आया है. इसी कंपनी के साथ मिलकर रिपब्लिक टीवी और अन्य न्यूज़ चैनल TRP क फ़र्ज़ियादा चलाते थे.

इससे पहले मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के एग्जीक्यूटिव एडिटर अभिषेक कपूर से इस मामले में लम्बी पूछताछ की थी. वहीँ एग्जीक्यूटिव एडिटर निरंजन नारायण स्वामी का बयान भी पुलिस ने इस मामले में दर्ज़ किया है. आपको बतादें की इस कांड में रिपब्लिक टीवी के 3 अधिकारियों का नाम आ रहा है मगर पुलिस ने अभी तक उन नामों का खुलासा नहीं किया है.

वहीँ दूसरी तरफ रिपब्लिक टीवी के चेयरमैन अर्नब गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें पुलिस द्वारा उनके खिलाफ जारी सम्मन को रद्द करने की गुज़ारिश की थी. मगर सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा की हाई कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है. हमें हाई कोर्ट पर विश्वास है. वहां मामले को चलने दे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *