17वीं और 18वीं लोकसभा में उपाध्यक्ष नहीं, मल्लिकार्जुन खरगे ने जताई चिंता

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर लोकसभा उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि संविधान के अनुच्छेद 93 के तहत लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों का चुनाव अनिवार्य है, लेकिन लगातार दो लोकसभा सत्रों से यह पद खाली पड़ा है।

खरगे ने पत्र में उल्लेख किया कि आज़ाद भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब 17वीं और अब 18वीं लोकसभा में उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं हुआ है। उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

गौरतलब है कि 2014 तक यह पद AIADMK के सांसद एम. थंबीदुरई के पास था। परंपरा के अनुसार, उपाध्यक्ष का पद आमतौर पर विपक्ष को दिया जाता रहा है, जिससे संसद में संतुलन और सभी दलों को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाता है।

खरगे ने यह भी सुझाव दिया कि आगामी मॉनसून सत्र से पहले उपाध्यक्ष का चुनाव कर लिया जाए, ताकि संसद का संचालन सुचारू और संतुलित ढंग से हो सके।

फिलहाल, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, इस पत्र के बाद संभावना है कि यह विषय मॉनसून सत्र में प्रमुखता से उठेगा। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

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