एनएचएआई के परियोजना निदेशक को थप्पड़ मारने संबंधी बयान सपा विधायक पर पड़ा भारी

बड़बोलेपन के कारण कानपुर के सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी फंस गए हैं। आरोप है कि उन्होंने लोगों को एनएचएआई के परियोजना निदेशक को मारपीट का टास्क दिया था जिसके लिए बाकायदा उन्होंने इनाम का भी एलान किया था।

मामला 15 अगस्त के दिन का है जब एक कार्यक्रम में अमिताभ बाजपेयी ने मंच से एलान किया था कि जो भी नेशनल हाइवे अथॉरिटी के अफसर अमित मित्तल को थप्पड़ मारेगा, उसे वह 1 लाख रपए का इनाम देंगे।

इस बयान के सामने आने के बाद मित्तल ने बिठूर थाने पर विधायक के खिलाफ धारा 504 और 506 के तहत हमले के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया था। उधर, विधायक का कहना हैं कि वह पुलिस के पास पहले गए थे, लेकिन उनका केस दर्ज नहीं किया गया था।

अमिताभ के मुताबिक उन्होंने हाइवे अथॉरिटी के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी थी और इसके साथ ही पुलिस पर खुद के उत्पीड़न का आरोप भी लगाया है।

वहीं, कानपुर पुलिस का कहना है कि अथॉरिटी की तरफ से पहले एफआईआर दर्ज कराई गई है और जांच के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी।

मामला यह बताया जा रहा है कि जीटी रोड चौड़ीकरण में विधायक की फैक्टरी भी जद में आ रही है। इसे लेकर अमिताभ बाजपेई द्वारा आरोप लगाया था कि मुआवजा देने में नियमों का पालन नहीं किया गया। प्रदर्शन के दौरान विधायक का कहनाम था कि एनएचएआई के परियोजना निदेशक उनसे रिश्वत की मांग कर रहे थे।

इसी पर उन्होंने कहा था कि परियोजना निदेशक को जो भी थप्पड़ मारेगा, उसे एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। आगे उन्होंने कहा कि “फैक्टरी कल जाती हो आज चली जाए। बात फैक्टरी की नहीं है, बात कानून की है।

मैंने अधिकारियों से बात की है कि मुआवजा दिया जाए। अधिकारियों ने कहा भी मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन ये मुआवजा देते नहीं है।”

विधायक ने कहा कि हमने ज्यादा आंदोलन इसलिए नहीं किया कि अधिकारी यह ना कह दे कि विधायक लोगों को उकसाने का काम कर रहा है और ये सड़क बनाए जाने के खिलाफ है।” इसका वीडियो उनके फेसबुक पेज पर भी देखा जा सकता है।

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