झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश—तीन राज्यों में फैली एक हैरतअंगेज़ कहानी ने पुलिस को भी चौंका दिया। मामला है जयहमती नाम की हथिनी का, जिसे लेकर चोरी से लेकर करोड़ों की खरीद-फरोख्त तक के दावे सामने आए।
करीब दो हफ्ते पहले, उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी नरेंद्र कुमार शुक्ला ने झारखंड के पलामू ज़िले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी हथिनी जयहमती को चोरी कर लिया गया है। शुक्ला का आरोप था कि हथिनी को लेकर जा रहा उसका महावत ही उसे लेकर फरार हो गया।
पुलिस जांच में जयहमती बिहार के छपरा में मिली, जहां वह गोरख सिंह नामक शख्स के पास थी। सिंह ने दावा किया कि उसने हथिनी को 27 लाख रुपये में खरीदा है और उसने वैध कागज़ात भी प्रस्तुत किए।
लेकिन जांच ने नया मोड़ लिया। पलामू की एसपी रीशमा रमेशन ने बताया कि शुक्ला हथिनी का अकेला मालिक नहीं था। दरअसल, जयहमती को 40 लाख रुपये में चार साझेदारों ने मिलकर खरीदा था। बाद में इनमें से तीन साझेदारों ने आपस में समझौता कर हथिनी को गोरख सिंह को बेच दिया।
अब जयहमती अस्थायी रूप से गोरख सिंह की अभिरक्षा में है। पुलिस ने सभी पक्षों से दस्तावेज़ मांगे हैं। एसपी ने कहा—“सभी कागज़ात की जांच के बाद ही असली कानूनी मालिक का पता चलेगा।”
