राजस्थान के झालावाड़ ज़िले के पिपलौदी सरकारी स्कूल में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। सुबह करीब 8:30 बजे स्कूल की छत अचानक ढह गई, जिसमें सात मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गभीर रूप से घायल हैं और आईसीयू में भर्ती हैं।
हादसे के वक़्त स्कूल में लगभग 60 बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। चश्मदीदों के अनुसार, लगातार भारी बारिश के चलते जर्जर छत अचानक भरभरा कर गिर गई। हादसे के बाद मची चीख-पुकार और धूल-धुएं से पूरा इलाका सन्न रह गया।
स्थानीय लोग, प्रशासन और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। चार जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया। सभी मृतक बच्चे 8 से 11 साल के थे और स्कूल में कक्षा 8 तक पढ़ाई होती है।
मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, “यह हादसा बेहद दुखद और हृदयविदारक है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और घायल बच्चों के इलाज की निगरानी की बात कही है।
अब सवाल उठता है की पहले से जर्जर घोषित इस भवन की सुध किसे लेनी थी?
