प्राचीन शिव मंदिरों के इर्द-गिर्द एक बार फिर थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गई हैं। गुरुवार को सीमा पर हुए संघर्ष में 12 लोगों की मौत हुई, दर्जनों घायल हुए और 40,000 से अधिक थाई नागरिकों को गांव खाली करने पड़े।
विवाद का केंद्र 900 साल पुराना प्रेह विहार मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित एक खमेर मंदिर है। यह कंबोडिया के डांगरेक पहाड़ों में स्थित है, लेकिन इसकी भौगोलिक स्थिति और ऐतिहासिक विरासत दोनों देशों के बीच दशकों से टकराव का कारण रही है।
ताजा संघर्ष ता मुएन थॉम मंदिर के पास शुरू हुआ, जो थाईलैंड के सुरिन प्रांत में पड़ता है। थाई सेना के अनुसार, कंबोडियाई सैनिकों ने ड्रोन से निगरानी की कोशिश की, जिसके जवाब में गोलाबारी शुरू हुई। वहीं, कंबोडिया ने आरोप लगाया कि थाई सेना ने उसकी संप्रभुता का उल्लंघन किया।
यह सीमा विवाद उपनिवेश काल के नक्शों पर आधारित है। 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने फैसला दिया कि प्रेह विहार मंदिरकंबोडिया का हिस्सा है। 2013 में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न केवल मंदिर, बल्कि उसका आस-पास का क्षेत्र भी कंबोडिया का है।
इस क्षेत्र में ता मुएन थॉम समेत तीन शिव मंदिर हैं, जहां खमेर काल की वास्तुकला अब भी सुरक्षित है। इन धार्मिक स्थलों के इर्द-गिर्द बना भू-राजनीतिक तनाव अब एक बार फिर सशस्त्र टकराव की कगार पर है।
