लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 38 नेताओं ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है, जिनमें प्रदेश महासचिव रतन पासवान भी शामिल हैं। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने खगड़िया से सांसद राजेश वर्मा की कार्यशैली पर नाराज़गी जताई है। उनका आरोप है कि वर्मा पार्टी में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रहे हैं और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है।
बागी नेताओं का कहना है कि पार्टी अब उस रास्ते से भटक चुकी है, जिसकी कल्पना दिवंगत रामविलास पासवान ने की थी। चिराग पासवान के नेतृत्व पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए गए हैं। गौरतलब है कि रामविलास पासवान ने खगड़िया से ही पार्टी की नींव रखी थी और इस क्षेत्र को पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने एलजेपी (रामविलास) में भीतरी गुटबाज़ी और वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी जैसे मुद्दों को भी सामने रखा है। इस्तीफा देने वालों में कई ज़िला स्तरीय पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
इस सामूहिक इस्तीफे ने चिराग पासवान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और पार्टी के भीतर आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है।
