प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है की लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र में सरकार जल्द ही बदलाव करने जा रही है. प्रधानमंत्री ने यह बात संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही. इस अवसर पर प्रधानमन्त्री ने 75 रुपये का एक सिक्का भी जारी किया.
प्रधानमंत्री ने कहा की देश में लड़कियों का ग्रॉस एनरॉलमेंट अनुपात लड़को के मुकाबले ज्यादा है. जल्दी ही सरकार इस पर कदम उठाएगी. इस बात का संकेत प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से दी अपनी स्पीच में कहा था.
प्रधानमंत्री से इस मौके पर कहा “देश में पहली बार पढ़ाई के लिए बेटियों को ग्रॉस एनरॉलमेंट रेश्यों बेटों से भी ज्यादा हो गया है। बेटियों की शादी की उचित उम्र क्या हो, यह तय करने के लिए भी जरूरी चर्चा चल रही है। मुझे देशभर की ऐसी जागरूक बेटियों की तरफ से चिट्ठियां भी आती हैं कि जल्द से जल्द से फैसला करें। वे पूछती हैं कि कमिटी का फैसला अभी तक आया क्यों नहीं? मैं उन सभी बेटियों को आश्वासन देता हूं कि बहुत ही जल्द रिपोर्ट आते ही उस पर सरकार कार्रवाई करेगी.”
लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र में होगा बदलाव लाने का मुख्या उद्देश्य मातृ मृत्युदर को कम करना है. सरकार के अनुसार लड़का और लड़की की शादी करने की उम्र समान होनी चाहिए.
सरकार के इस फैसले के पीछे जानकार कहीं न कहीं सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को भी देखते है जिसमें कोर्ट ने सरकार से कहा था की वैवाहिक बलात्कार से बचाने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी पहले इस बात पर ज़ोर दिया था की बेटियों में कुपोषण को खत्म करना है, उनकी शादी की सही आयु भी सही होनी चाहिए, इसके लिए सरकार ने एक कमेटी का गठन किया है. उसकी रिपोर्ट आने के बाद बेटियों की शादी की उम्र पर की फैसला किया जाएगा.
