कृषि अध्यादेशों के विरोध की आग अब NDA के दामन तक पहुँच गई है. विपक्षी दल तो इसे किसान विरोधी बताकर इसका पुरज़ोर विरोध कर ही रहे थे मगर अब NDA की सबसे पुरानी सहियोगी पार्टी अकाली दल ने भी इन अध्यादेशों के विरुद्ध बिगुल बजाकर सबको हैरानी में डाल दिया है. अकाली दल के कोटे से केंद्र में मंत्री हरसिमरत कौर ने अध्यादेशों के विरोध में आज केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इससे पहले संसद में भी उन्होंने इन अध्यादेशों का जमकर विरोध किया था.
ट्विटर पर अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए हरसिमरत कौर ने कहा “मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने पर गर्व है.” पंजाब में इन अध्यादेशों को लेकर राजनीति गरमाई हुई है. अकाली दल को वहाँ अपने किसान वोट खिसकते दिखाई दे रहे है.
आपको बतादें की अकाली दल के कुछ नेता दबी ज़ुबान से इस बात की ओर इशारा भी करते रहे है की पिछले काफी समय से पंजाब में बीजेपी ने उन्हें दरकिनार कर दिया है. अकाली दल ने ये बात साफ़ करदी है की वह संसद में इन अध्यादेशों के खिलाफ वोट करेगी. भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) के महासचिव हरिंदर सिंह पहले इन अध्यादेशों को ‘कोरोना वायरस से भी बदतर’ बता चुके है. हरिंदर सिंह ने सरकार को साफ़-साफ़ अल्टीमेटम दे दिया है की अगर ये अध्यादेश वापस न लिए गए तो पूरे देश में किसान इसके विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे.
वहीं दूसरी ओर बीजेपी के बड़े नेता अकाली दल से बातचीत में लगे है. बीजेपी शुरू से ही इन अध्यादेशों को किसानों के लिए ‘गेम चेंजर’ बताकर प्रसार करने में जुटी है.
