हाथरस गैंगरेप केस को लेकर बवाल बढ़ता ही जा रहा है. सभी राजनितिक दल इस मुद्दे को भुनाने की पूरी कोशिश में लगे है इसलिए जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे है, नेताओं के बेतुके बयान भी सामने आने लगे है.
इसी क्रम में कांग्रेस के नेता निज़ाम मलिक का सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें वह खुल्लम-खुल्ला ऐलान कर रहे है की जो भी हाथरस के आरोपियों का सर लेकर आएगा वह उन्हें एक करोड़ रूपए का इनाम देंगे.
इस वीडियो के वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस ने निज़ाम मलिक को हिरासत में ले लिया है.
यह पहला मौका नहीं है मामले पर नेताओं के बोल बिगड़े है. नवाबगंज से नगर पालिका परिषद के चेयरमैन रंजीत श्रीवास्तव का विवादित बयान सामने आया है. रंजीत श्रीवास्तव ने तो पीड़िता के चरित्र पर ही सवाल खड़ा कर दिया. आखिर वह क्या करने खेत में गई थी. सरकार को 25 लाख के मुआवज़े पर फिर से विचार करना चाहिए.
इससे पहले उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल के बयां ने भी आग में घी डालने का काम किया था. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया था की हाथरस में पीड़िता के साथ बलात्कार हुआ है. उन्होंने कहा ‘‘डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि हाथरस की घटना में महिला के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ.’’
वहीँ बलिया से बीजेपी के MLA सुरेंद्र सिंह ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए सभी माता-पिता से अपील की थी की अपनी जवान लड़कियों को सही संस्कार दे ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
