पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में राहत सामग्री बांटने पहुँचे भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले ने राज्य की सियासत को हिला दिया है। घायल हालत में अस्पताल में भर्ती मुर्मू ने आरोप लगाया कि हमलावर खुद को “दीदी के लोग” यानी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बता रहे थे।
मुर्मू ने कहा, “वे चिल्ला रहे थे — हम टीएमसी से हैं, दीदी के लोग हैं। यहां बीजेपी का क्या काम?” उन्होंने बताया कि भीड़ ने उनकी गाड़ियों पर पथराव किया, शीशे तोड़ दिए और उन पर हमला किया। “एक पत्थर मेरे गाल की हड्डी पर लगा, डॉक्टरों ने कहा आंख भी जा सकती थी,” उन्होंने एनडीटीवी से कहा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को “कानून-व्यवस्था की स्थिति” बताया और कहा कि “अगर कोई 30–40 गाड़ियाँ लेकर किसी तबाह गांव में जाएगा तो लोग नाराज़ होंगे।” इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने मुख्यमंत्री को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है — राज्य में कानून-व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए, वरना “संवैधानिक कार्रवाई” हो सकती है।
हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना ने एक बार फिर बंगाल की राजनीति को उबाल पर ला दिया है, जहाँ राहत शिविरों में भी अब सियासी टकराव दिख रहा है।
