व्हाइट हाउस के ब्लू रूम में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप “एंटीफा” पर एक बैठक कर रहे थे, तभी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चुपचाप उनके पास आकर एक पर्ची थमाई। उस पर लिखा था — “बहुत करीब हैं। आपको जल्द ही ट्रुथ सोशल पोस्ट को मंज़ूरी देनी होगी ताकि आप समझौते की घोषणा सबसे पहले कर सकें।”
रुबियो की इस फुसफुसाहट के बाद भी ट्रंप बिना हड़बड़ाहट के मीडिया से सवाल लेते रहे — जिससे रुबियो साफ़ तौर पर बेचैन नज़र आए। दस मिनट बाद ट्रंप ने मुस्कराते हुए कहा, “अभी मुझे बताया गया है कि हम मध्य-पूर्व में एक बड़े समझौते के करीब हैं। मुझे जल्द ही वहां जाना होगा।”
करीब दो घंटे बाद, शाम 6:51 बजे, ट्रंप ने अपने मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर घोषणा की —
“मुझे गर्व है यह बताते हुए कि इज़राइल और हमास ने हमारे शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। सभी बंधक जल्द रिहा होंगे और इज़रायली सेनाएँ तय सीमा तक पीछे हटेंगी।”
ट्रंप ने इसे “अरब और मुस्लिम दुनिया, इज़राइल और अमेरिका के लिए महान दिन” बताया, और कतर, मिस्र व तुर्की के मध्यस्थों का धन्यवाद किया।
हालाँकि, आलोचक कहते हैं कि ट्रंप अक्सर ऐसे मौकों को अपनी उपलब्धि बताकर श्रेय खुद ले लेते हैं — लेकिन इस बार, उनका “गुप्त नोट” वाकई इतिहास का हिस्सा बन गया।
