मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुई खांसी की दवा “Coldrif Syrup” त्रासदी, जिसमें 20 मासूम बच्चों की जान चली गई थी, का मुख्य आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गुरुवार तड़के 1:30 बजे चेन्नई से गिरफ्तार किया गया। वह और उसकी पत्नी हादसे के बाद से फरार थे।
इस खतरनाक सिरप में जहरीले रसायन की मात्रा तय सीमा से कई गुना ज़्यादा पाई गई थी। एफआईआर दर्ज होते ही मध्य प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम, जिसमें महिला अधिकारी, साइबर विशेषज्ञ और ड्रग इंस्पेक्टर शामिल थे, चेन्नई पहुंच गई थी। टीम ने रंगनाथन की गाड़ियों, फोन लोकेशन और बैंक ट्रांज़ैक्शन को ट्रैक कर उसकी गतिविधियों की कड़ी जोड़ते हुए यह आधी रात की गुप्त कार्रवाई अंजाम दी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने श्रीसन फार्मा के कांचीपुरम फैक्ट्री से अहम दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं और अब आरोपी को पूछताछ के लिए छिंदवाड़ा लाने की तैयारी कर रही है।
जांच में खुलासा हुआ है कि कंपनी 1990 में पंजीकृत थी लेकिन मंत्रालय के रजिस्टर से हटाए जाने के बाद भी गैरकानूनी तरीके से चलती रही।
पुलिस अब पूरी सप्लाई चेन — केमिकल सप्लायर, स्टॉकिस्ट और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव — तक जांच बढ़ा रही है।
यह गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस सिस्टम की पोल खोलती है जिसने ज़हरीली लापरवाही से मासूम ज़िंदगियों को निगल लिया।
